प्यार क्या है और कैसे होता है? | Love in Hindi


प्यार क्या है? प्यार कैसे किया जाता है? प्यार के कितने प्रकार हैं? (Love in Hindi) ऐसे कई सारे सवाल हैं जो लोगों के मन में उठते हैं। लेकिन इसपर किसी से बात करने से कतराते हैं। तो प्यार से जुड़े किसी भी सवाल का उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा। जिससे आप भी समझ जाओगे की आखिर Pyar Kya Hai? और Pyar Kaise Hota Hai?

प्यार क्या है? | Love in Hindi

प्यार को शब्दों के जरिये परिभाषित करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन फिर भी अगर कोई ये जानना चाहे की प्यार क्या होता है? तब आसान भाषा में आपको बता दूँ। प्यार भावनाओं और व्यवहारों का गठजोड़ है। जो एक दूसरे के बिना अधूरा है।

Love में भावनाओं अर्थात Emotions का होना अनिवार्य है। लेकिन अगर प्यार में व्यवहार ही न हो, तब वैसा प्यार अधूरा रह जाता है।

प्यार में ऐसी कई सारी चीज़ें है, जिन्हे शामिल किया जाता है जैसे: केयर, नजदीकियां, आकर्षण, स्नेह और सबसे महत्वपूर्ण विश्वास। प्यार अर्थात भावनाओं और व्यवहारों का गठजोड़ है, जो हमें एक दूसरे के प्रति जूनून और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

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समय के साथ प्यार में बदलाव होना आम बात है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि प्यार के साथ सकारात्मक भावनाएं जैसे: खुशियां, उत्साह इत्यादि का जुड़ाव होता है। जिससे प्यार समय के साथ बढ़ता है।

तो वहीं दूसरी तरफ नकारात्मक भावनाएं जैसे: तनाव और जलन अर्थात ईर्ष्या के कारण प्यार में कमी आना भी आम बात है। इसलिए ये कहना बिल्कुल गलत होगा की प्यार स्थिर होता है। इसमें समय के साथ बदलाव आना बिल्कुल लाजमी है।

जब बात प्यार की आती है, तब कुछ लोगों का ऐसा मानना है की ये भगवान का दिया सबसे ख़ास तोहफों में से एक है। आपको बता दूँ, सबसे ज़्यादा रिसर्च होने के बाद भी आज Love को पूरी तरह से समझ पाना नामुमकिन है।

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प्यार कितने प्रकार का होता है?

कई सारे लोगों को इस बात का ज़रा सा भी अंदाजा नहीं होता की आखिर प्यार (Love) कितने तरह के हो सकते हैं। अगर आप इस बात को समझने में भूल कर रहे हैं की आपका प्यार किस श्रेणी में आता है। तब निचे दिए गए प्यार के प्रकार को अवश्य पढ़ें।

भावनात्मक प्रेम

भावनात्मक प्रेम को प्यार का सबसे अनूठा और सबसे मजबूत माना जाता है। क्योंकि इसमें दो लोग एक दूसरे की भावनाओं से जुड़े होते हैं।

शारीरिक प्रेम

जैसा की आप इसके शब्दों के समझ गए होंगे। शारीरिक प्रेम का अर्थ ही है, प्रेम का वैसा तरीका जिसमे शारीरिक चेष्टा को परिपूर्ण करने की लालसा होती है।

आध्यात्मिक प्रेम

आध्यात्मिक प्रेम अपने आप में काफी अनोखा है। क्योंकि इसमें किसी प्रकार की कोई चेष्टा नहीं होती। इसमें शारीरिक जुड़ाव नहीं होता और नाहीं इसमें किसी तरह की कोई डिमांड होती है। आमतौर पर भगवान् के प्रति किये जाने वाले प्रेम को आध्यात्मिक प्रेम कहा जाता है।

खुद से प्यार

अगर आप उनलोगो में से जो खुद का ख्याल बाकियों की तुलना में अधिक रखते हो। तब ये इस बात की और संकेत है की आप अपने आप से काफी ज़्यादा प्यार करते हो। अर्थात आप खुद से प्रेम करते हो। इसके अलावा आप अपनी अच्छाइयों के साथ-साथ आप अपनी बुराइओं को भी बेहतर ढंग से जानते हो। फिर खुद अपनी जरूरतों के अनुसार आप अपने भीतर एक बदलाव लाते हो।

एक तरफ़ा प्यार | One Sided Love

प्रेम के मामले में सबसे कष्टदाई माना जाने वाला एक तरफा प्यार होता है। क्योंकि इसमें सामने वाले से आप वापस प्रेम पाने की उम्मीद नहीं करते। कहीं न कहीं आप जानते हो की आपका प्यार आप तक ही सिमित रह जाएगा।

पप्पी वाला प्यार

ये बड़ा ही अनोखा है, और ये Love आपको भी अपने बचपन के दिनों में जरूर हुआ है। क्योंकि बचपन में आपको अपने टीचर या फिर आपकी पड़ोस की दीदी से होने वाले लगाव को ही पप्पी वाला प्यार कहा जाता है।

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प्यार कैसे किया जाता है? | Pyar Kaise Kiya Jata Hai?

ऊपर के लेख से अबतक आपने ये जान लिया की आखिर प्यार क्या होता है और प्यार कितने तरह का होता है। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हे ये नहीं मालुम की Pyar Kaise Kiya Jata Hai? आपको बता दें प्यार करने की सबसे पहली जरूरत ये है की क्या आप दूसरों से पहले खुद से प्यार करते हैं या नहीं? उसके बाद ही किसी और के प्रति आपका प्यार आपके लिए कारगर साबित होगा।

खुद से प्यार कैसे करे?

जी हाँ! किसी और को प्यार करने से पहले खुद से Love करना सीखें। अगर आप खुद से ही प्यार नहीं करते, तब दूसरों को प्यार करने का फिर कोई मतलब ही नहीं बनेगा। ऐसे में कुछ समय बाद फिर आपका प्यार अधूरा रह जाएगा। इसके लिए आप निचे दिए गए तरीकों को आजमा सकते हैं।

खुद को ऊपर उठायें

खुद से प्यार करने का अर्थ है अपने आप को हर परिस्तिथि के लिए तैयार रखना। चाहे दिन अच्छे हो या बुरे ही क्यों न! कैसी भी परिस्तिथि में आपको टूटना नहीं है। अपने आत्मविश्वास को हमेशा बनाये रखें। इसके अलावा अपने आप को पहचाने और जरूरत पड़ने पर अपनी सराहना करना न भूलें।

खुद का ख्याल रखें

जी हाँ! जितना आप दूसरों का ख्याल रख सकते हो, उतना ही आप खुद का भी ख्याल रखें। एक बात का हमेशा ख्याल रहे, जब आप खुद का ख्याल अच्छे से रखना सिख जाओगे। तब आप दूसरों का भी ख्याल करने लगोगे।

आभार व्यक्त करना सीखें

जितना आप दूसरों का आभार व्यक्त करते हैं। ठीक उतना ही खुद का भी आभार व्यक्त करना सीखें। ऐसा करने पर न केवल आपकीआत्म-विश्वास बढ़ेगी, बल्कि इसके साथ ही आपकी खुसी भी दिन दुगनी और रात चौगुनी बढ़ेगी। जो कहीं न कहीं आपके स्वास्थ के लिए लाभदायक साबित होगी।

प्यार में क्या होता है? | Pyar Me Kya Hota Hai?

प्यार (Love) का एहसास कब, किसे और कहाँ हो जाये। इस बात को बता पाना लगभग नामुमकिन है। लेकिन हाँ, प्यार में पड़े हुए इंसान के साथ कुछ अजीबों गरीब घटनाएं होती है। जिससे ये पता लगा पाना काफी आसान हो जाता है, की कोई इंसान प्यार में है या नहीं।

Love का एहसास होने मात्र ही लोगों के मन में काफी बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। प्यार में पड़े इंसानो में आमतौर पर कुछ इस तरह के बदलाव देखे जाते हैं।

  • जब किसी इसी इंसान को प्यार (Love) होता है, तब वो खोया-खोया सा रहने लगता है।
  • इंसान के अनादर खुद से बात करने की प्रबल इक्षा भी जागृत होने लगती है।
  • गलती से आँखें बंद हुई नहीं की आपको अपने प्यार का चेहरा सामने दिखने लगेगा।
  • दोस्तों ने आपके Love का नाम क्या ले लिया, फिर तो आपकी खुसी अंदर ही अंदर हिचकोले मारने लगती है।
  • जुबान और दिमाग शांत होने पर भी दिल कुछ कहना चाहता हो।
  • दोस्तों ने देरी की तब आप भड़क जाओगे। लेकिन अगर आपके प्यार ने देर किया, तब आपको ये इंतज़ार सुकून देता है।
  • जब हस्ते हुए अचानक से आपको अपने प्यार की याद आये और आपके आँखों में खुसी के आंसू आ जाए।
  • सपाट ज़मीन पर ठोकर लगना प्यार में पड़े इंसानो के साथ तो आम बात है।
  • अचानक से ड्रेसिंग सेन्स में बदलाव आना लाजमी है।
  • दोस्तों या सहेलियों के साथ अपने प्यार के बारे में बातें करके समय बिताना, आपका पसंदीदा तिमेपास हो जाएगा।
  • आपके मोबाइल में रोमांटिक गानों की भरमार हो जाएगी।

प्यार कैसे जतायें?

प्यार को जताने का कोई निर्धारित तरीका नहीं है। दुनिया में हर दूसरा इंसान एक दूसरे से काफी अलग और अनोखा होता है। इसके साथ ही हर इंसान में लग-अलग खूबियां और उनमे अलग-अलग कमियां होती है। लेकिन लाखों कमियां या भिन्नत्ता होने के बावजूद आप बड़ी ही आसानी से अपने साथी, दोस्त या परिवार के प्रति Love को जता सकते हैं।

इसके लिए आप निचे दिए गए कुछ कारगर तरीकों को अपना कर अपने साथी के प्रति प्यार को बड़ी ही आसानी से व्यक्त कर सकते हो।

  • छोटी-मोटी गलतियों को माफ़ करना सीखें।
  • कुछ कमियां या गलतियां हो तब इसकी जानकारी एकांत में दें न की सबके सामने।
  • अपने व्यक्तिगत झगड़ों को स्वयं तक सिमित रखें।
  • अपने साथी को इस बात अहसाह दिलाएं की आप उनकी फ़िक्र करते हो।
  • अपने साथी को बोलने का मौका दें और उनके विचारों को सुने और जरूरत पड़े तब तवज्जों जरूर दें।
  • दोनों एक दूसरे को समय दें और साथ में से समय बिताएं।
  • अपने साथी के अच्छे गुणों को पहचाने और इसके लिए उनकी तारीफ करना न भूलें।
  • अपने इस अनूठे रिश्ते में किस प्रकार का शर्त शामिल न करें।

सच्चा प्यार है या नहीं? कैसा पता करें?

दुनिया की सबसे मुश्किल कामों में से एक है, इस बात का पता लगाना की आखिर किसी का आपके प्रति प्यार (Love) सच्चा है या नहीं? या ऐसा भी कहें की आप जिसे पसंद करते हो, क्या ये Love के अलावा केवल Like तो नहीं! प्यार जैसी (Love) चीज़ों पर काफी ज़्यादा ज्ञान रखने वाले दुनिया के जाने-माने मनोवैज्ञानिक Zick Rubin के अनुसार, प्यार के तीन भाग होते हैं।

  • जुड़ाव अर्थात Attachment: अगर आप हर घरी हर वक़्त केवल उस ख़ास इंसान के बारे में सोचते हो और उनके साथ रहने का ख्याल आपके में में आता है। तब ये आपके जुड़ाव को दर्शाता है।
  • देखभाल करना अर्थात केयर करना: जितनी देखभाल और प्यार आप खुद से करते हो। ठीक उतना ही आप किसी खास इंसान से करते हो, तो ये इस बात की और इशारा करता है, की आप उनसे सच्चा प्यार करते हो।
  • घनिष्ठता: अगर आप अपने किसी खास इंसान पर हद से ज़्यादा भरोसा करते हो और आप अपने व्यक्तिगत विचारों के साथ ही अपने भावनाओ और चाहत को साझा करते हो। तब ये सारे लक्षण इस बात की और इशारा करती है की आप उनसे बेइंतेहा प्यार करते हो।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की प्यार क्या है?(Love in Hindi) और आपने ये भी जाना की प्यार कैसे किया जाता है? इसके अलावा आपने जाना की सच्चे प्यार की पहचान कैसे करें। इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार की कोइ शिकायत, सुझाव या सवाल आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं, धन्यवाद।

FAQs

Q: क्या प्यार की कोई सीमा होती है?

उत्तर: प्यार (Love) की कोई सिमा नहीं होती। ये एक ऐसी भावना है जो समय के साथ दब सकती है। लेकिन कभी कम नहीं होती।

Q: प्यार में सबसे जरूरी क्या है?

उत्तर: प्यार में सबसे ज़्यादा जरुरी है विश्वास का होना। ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा की प्यार का दूसरा नाम विश्वास ही है।


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