हिंदी अनुच्छेद लेखन | Paragraph in Hindi


Short and Small Paragraph in Hindi या कहें हिंदी अनुच्छेद लेखन, यह विषय जितना महत्वपूर्ण एक छत्र के लिए परीक्षा में अत्यधिक नंबर जुटाने के लिए है। ठीक उतना ही महत्वपूर्ण ये एक आम नागरिक के लिए भी है।

अनुच्छेद लेखन क्या है? | Short and Small Paragraph in Hindi

अंग्रेजी भाषा में अनुच्छेद शब्द का अर्थ होता है Paragraph, जिसे निबंध का संक्षिप्त रूप भी कहा जाता है। इसमें किसी भी विषय पर लिखे जाने वाले शब्दों की संख्या 80 से 120 तक होती है। अर्थात इसमें निबंध की तुलना में शब्दों की संख्या काफी कम होती है।

अनुच्छेद लेखन भी अपने-आप में एक कला है और ये अपने आप में सम्पूर्ण होती है। इसमें किसी निबंध की तरह सभी विषयों की जानकारी होने के बजाय किसी ख़ास विषय की ही सम्पूर्ण जानकारी मौजूद होती है। इसके मुख्य विचार या तो अनुच्छेद की शुरुआत में होती है या फिर अनुच्छेद के अंत में।

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एक अच्छा अनुच्छेद लेखन उसे माना जाता है, जिसके जरिये लोगों को कोई सिख मिले या फिर कोई महत्वपूर्ण बात अंत में बताया जाए। वही एक अच्छा अनुच्छेद लेखन कहलाता है। अनुच्छेद लिखते समय इन बातों का ध्यान रखें

Hindi Paragraph Writing में इन बातों का ध्यान दें

Hindi Paragraph Writing या कहें हिंदी अनुच्छेद लेखन देखने में काफी सरल होती है। क्योंकि ये केवल 80 से 100 शब्दों के बिच ही होती है। लेकिन अनुच्छेद लेखन के भी कुछ नियम है। जिसे अगर ध्यान में न रखा जाए तब Number कटने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए अनुच्छेद लेखन के दौरान इन बातों का ध्यान रखना केवल जरुरी ही नहीं बल्कि महत्वपूर्ण भी है।

  • बिना मतलब के अपने विचारों को लंबा खींचने का प्रयास न करें।
  • सभी वाक्यों के बिच निकटता और एक दूसरे से जुड़ाव होनी चाहिए।
  • अनुच्छेद (Paragraph in Hindi) लिखते समय आप जिन शब्दों और वाक्यों का इस्तेमाल कर रहे हो, वो प्रभावशाली होनी चाहिए।
  • लंबे वाक्यों के बजाय छोटे-छोटे वाक्यों का प्रयोग करना ज़्यादा बेहतर होता है।
  • जितने शब्दों में अनुच्छेद लिखने का निर्देश दिया गया हो उसे वहीँ तक सिमित रखनी चाहिए। 5 शब्द अधिक होने से फर्क नहीं पड़ता लेकिन कम होने से फर्क पड़ता है।
  • आपके द्वारा लिखे गए अनुच्छेद को पढ़ने पर पाठक को ऐसा प्रतीत होनी चाहिए की इसमें आपकी अनुभूति समाई हुई है।
  • परीक्षा में अगर संकेत बिंदु दी गयी हो तब उसके अनुसार ही अनुच्छेद लिखें। अगर संकेत बिंदु मौजूद न हो तब अनुच्छेद लेखन में स्वयं संकेत बिंदु डाल दें। ऐसा करने पर परीक्षक आपको पुरे अंक देता है।
  • Hindi Paragraph के मूल विषय से भटके बिना अनावश्यक विस्तार से बचे।
  • संभव हो तब विषय से जुड़े कविता या सूक्ति का प्रयोग अपने Hindi Paragraph में अवश्य करें।

अनुच्छेद की विशेषताएं | Hindi Paragraph Properties

अनुच्छेद लेखन की विशेषताएं कुछ इस प्रकार है।

  • अनुच्छेद लेखन में केवल महत्वपूर्ण तथ्यों को लिखा जाता है। इसमें अप्रासंगिक बातों को शामिल नहीं किया जाता।
  • अनुच्छेद लेखन में सभी वाक्य एक दूसरे से जुड़े और संगठित होते हैं।
  • Paragraph Writing अपने आप में सम्पूर्ण होता है। इसका कोई भी वाक्य अनावश्यक नहीं होता।

Hindi Paragraph से जुड़े कुछ उदाहरण

निचे Hindi Paragraph से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं। जिसमे शब्दों की संख्या 150 से अधिक है। इसमें अपनी जरूरत के अनुरूप बदलाव करके आप अपने अनुसार Hindi Paragraph को लिख सकते हो। निचे दिए गए उदाहरण से आपको हिंदी अनुच्छेद लेखन को पढ़ने और समझने में बड़ी ही आसानी होगी।

इंटरनेट: एक संचार क्रांति (Internet: A Communication Revolution)

संकेत बिंदु: 1. प्रस्तावना, 2. अर्थ/व्याख्या/परिभाषा, 3. ज्ञान का श्रोत, 4. व्यापार/शिक्षा में सहायक, 5. दोष/प्रभाव/उपसंहार

प्रस्तावना: कंप्यूटर के अविष्कार से संचार जगत को एक नै दिहा मिली है। अनेको कार्य को अब केवल सेकंड भर में कर देने वाला कंप्यूटर आज हमारे जीवन का प्रमुख हिस्सा बन चूका है।

अर्थ/व्याख्या/परिभाषा: इंटरनेट का अर्थ है एक ऐसा जंजाल जिसके अंतरगर्त लाखों करोड़ों कंप्यूटर का संजाल बना होता है। जो सूचनाओं के आवागमन को सुलभ करता है। दुनिया में वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप ही इंटरनेट का जन्म हो पाया। अनेकों सुचना यंत्र ने दुनिया को एक-दूर तो जरूर ला दिया था। लेकिन कंप्यूटर ने तो उन्हें आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया।

ज्ञान का श्रोत: इंटरनेट की लोकप्रियता का कारण इसकी विविध प्रणालियाँ एवं सेवाएं हैं। इंटरनेट पर Email से काफी कम पैसों में सन्देश भेजना संभव हुआ है। इंटरनेट अपर ज्ञान का भण्डार भी है। इससे जुड़कर कोई भी इंसान संचार से लेकर मौसम और अन्य ख़बरों की जानकारी चुटकियों भर में प्राप्त कर सकता है।

व्यापार/शिक्षा में सहायक: आजकल अरबों का बाजार इंटरनेट के कारन ही चल पता है। इसके आलावा Share Market से जुड़ी सारी कार्यप्रणाली Online ही की जाने लगी है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में इंटरनेट का काफी ज़्यादा विस्तार हुआ है। शिक्षा से जुड़ी सारी जानकारियां इंटरनेट पर या तो चंद पैसों की देनदारी से ही हमारे समक्ष मौजूद होती है।

दोष/प्रभाव/उपसंहार: इंटरनेट के अनेकों अनेक लाभ हैं। लेकिन साथ में इससे जुड़ी कई कमियां औरइससे जुड़े कई दुष्प्रभाव भी हैं। लोग निजी स्वार्थ हेतू इसका दुरूपयोग करने लगे हैं। अश्लील एवं फूहड़ मनोरंजन से युवा पीढ़ी अपनी दिशा भटक रही है। विज्ञापन से जरिये लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ ही दिन-प्रतिदिन ऑनलाइन धोखाधड़ी की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है।

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जनसंख्या विस्फोट: एक गंभीर समस्या | Population Paragraph in Hindi

संकेत बिंदु – 1. प्रस्तावना, 2. कारण, 3. उपाय, 4. उपसंहार।

प्रस्तावना: तीव्र गति से बढ़ती हुई जनसंख्या को ही जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है। वैसे जनसंख्या का बढ़ना अपने आप में कोई समस्या नहीं है, परन्तु तेजी से बढ़ती जनसंख्या वर्तमान में चिंता का विषय बनती जा रही है।

कारण: जनसंख्या के तेजी से बढ़ने के अनेक कारण हैं, जिनमें से प्रमुख है – अशिक्षा, अज्ञानता, परिवार नियोजन के कार्यक्रमों के प्रति उदासीनता, बाल- विवाह, बहु-विवाह इत्यादि। जिसके कारण अनेको समस्याएँ हमारे सामने आने लगी हैं। जैसे: लोगों को रहने की समस्या, जनसंख्या के अनुपात में खाद्यान्न उपलब्ध कराने की समस्या, बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से होता दोहन, जिसके चलते पर्यावरण पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं, इत्यादि अनेक समस्याओं से हम जूझ रहे हैं।

उपाय: जनसंख्या की तीव्र वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने बहुत जरूरी हो गए हैं। इसके लिए सरकार एवं लोगों में दृढ़ इच्छाशक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। लोगों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करना होगा। जिससे वे अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक हों और उनका समाधान करने के लिए प्रयासरत हों।

लोगों में परिवार नियोजन के प्रति फैली उदासीनता को दूर करना होगा। इसके बारे में समुचित जानकारी उपलब्ध करानी होगी, जिससे अधिक-से-अधिक लोग इसे अपना सकें। विज्ञापनों, पत्रिकाओं एवं लघु पत्रों के माध्यम से भी लोगों में फैली भ्रान्तियों एवं अंधविश्वासों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को सचेत किया जाना चाहिए।

उपसंहार: अत: बौद्धिक चेतना एवं संयम से ही हम इस समस्या का समाधान खोज सकते हैं। हमें लोगों में सामाजिक एवं आर्थिक समानता को स्थापित करना होगा तभी बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करने में सफलता मिल पाएगी।

आतंकवाद: एक गंभीर समस्या

संकेत बिंदु: 1. प्रस्तावना, 2. आतंकवाद का उदेश्य, 3. प्रेरक तत्व, 4. भारत में आतंकवाद, 5. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद, 6. उपसंहार

प्रस्तावना: वर्तमान में आतंकवाद हमारे देश के लिए ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक समस्या बन गया है। आतंकवाद से अभिप्राय अपने प्रभुत्व व शक्ति से जनता में भय की भावना का निर्माण कर अपना उदेश्य सिद्ध करने की नीति के विस्तार से है।

आतंकवाद का उदेश्य: हमारा देश भारत सबसे अधिक आतंकवाद की चपेट में है। पिछले दस-बारह वर्षों में हजारों निर्दोष लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अब तो जनता के साथ-साथ सरकार को भी आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान शासन प्रणाली को हिंसात्मक हथकंडो से समाप्त करना या उनसे अपनी बातें मनवाना ही आतंकवाद का मुख्य उद्देश्य है।

प्रेरक तत्व: आतंकवाद के मूल में सामान्यतः असंतोष एवं विद्रोह की भावनाएँ केंद्रित रहती हैं। धीरे-धीरे अपनी बात मनवाने के लिए आतंकवाद का प्रयोग एक हथियार के रूप में किया जाना सामान्य- सी बात हो गई है। आज देश के कुछ स्वार्थी तत्वों ने क्षेत्रवाद का बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। इसमें सांस्कृतिक टकराव, आर्थिक विषमता, भ्रष्टाचार तथा भाषायी मतभेद जैसे सभी तत्व आतंकवाद का पोषण करते हैं।

भारत में आतंकवाद: वर्तमान में कश्मीर समस्या आतंकवाद का कारण बनी हुई है। हालांकि स्वतंत्रता- प्राप्ति के बाद से ही कश्मीर में हथियारबंद घुसपैठियों की समस्या उत्पन्न हो गई थी। भारत-पाक सीमा पर आतंकवादियों से सेना की मुठभेड़ आम बात हो गई है। भारतीय संसद पर हमला, गुजरात का अक्षरधाम मंदिर हमला तथा कश्मीर के रघुनाथ मंदिर तथा मुंबई में हुए हमले भी आतंकवाद का ही हिस्सा हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद: हमारा देश ही नहीं, आतंकवाद से और भी कई देश राष्ट्र पीड़ित हैं। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर व पेंटागन पर हुए आतंकवादी हमले ने आतंकवाद को अंतर्राष्ट्रीय रूप दे दिया। आतंकवाद के मूल में राजनीति का अपराधीकरण होना तो एक कारण है ही लेकिन अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की भूमिका भी इसके लिए कम उत्तरदायी नहीं है। आतंकवाद के नाम पर विभिन्न राष्ट्रों द्वारा एक-दूसरे पर दोषारोपण करना आम बात हो गई है।

उपसंहार: यह समूचे विश्व के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। इसलिए आतंकवाद पर विजय प्राप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक आदि सभी स्तरों पर समन्वित एवं दृढ़ प्रयास किए जाने की आवश्यकता है, अन्यथा यह समूची मानव सभ्यता को अपने भस्मासुरी हस्त के नीचे भस्म कर देगा।

दहेज़: एक अभिशाप | Paragraph on Dowry in Hindi

संकेत बिंदु: 1. प्रस्तावना, 2. सौदेबाज़ी का स्वरूप प्राप्त करना, 3. प्रतिष्ठा का विषय, 4. समाज को जागरूक बनाना, 5. समाधान, 6. उपसंहार

प्रस्तावना: अपने-आप में दहेज किसी प्रकार की कोई अनिवार्य प्रथा कभी भी नहीं थी। यह तो नया विवाह करके नया घर बसानेवाले वर-वधू के लिए सगे-संबंधियों, इष्ट-मित्रों द्वारा दी जाने वाली कुछ भेंट मात्र ही थी। तभी तो भारत के प्राचीन ग्रंथों और काव्यों में इसका विधिवत् वर्णन नहीं मिलता।

सौदेबाज़ी का स्वरूप प्राप्त करना: हिंदू या भारतीय समाज में दहेज कोई मान्य संस्कार नहीं था। स्वेच्छा से दी जाने वाली भेंट मात्र जो निहित स्वार्थियों के हाँथों चढ़कर एक मांग-सी बन गई। धीरे-धीरे उसने सौदेबाजी का रूप धारण कर लिया और आज वह किस प्रकार अच्छी-भली वधुओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

प्रतिष्ठा का विषय: राजाओं, सामंतो और जमींदारों के युग में आकर बढ़-चढ़कर दहेज का लेन-देन शान का विषय और कारण समझा जाने लगा। आधुनिक काल में आकर भी धनी वर्गों ने इस प्रथा को खूब प्रश्रय दिया। जैसे-जैसे विज्ञान की अधिकाधिक प्रगति और शिक्षा का प्रचार-प्रसार बढ़ता गया, समाज में स्वार्थ भी सुरसा के मुख के समान बढ़ता गया।

विवाह एक प्रदर्शन मात्र बनकर रह गया।
कुप्रथा एवं अभिशाप – समाज के उच्च मानसिक धनिक और उसकी देखा-देखी निम्न वर्गों में भी बढ़-चढ़कर दहेज का लेन-देन एक मानसिक धनिक ग्रंथि बन गया। इस प्रकार दहेज एक कुप्रथा और अभिशाप बन गया।

समाज को जागरूक बनाना: दहेज प्रथा का अंत वास्तव में युवक-युवतियाँ ही कर सकते हैं। वे घरवालों के लाख चाहने और कहने पर भी उस घर में विवाह करने से साफ इनकार कर दें जहाँ दहेज के लेन-देन की बात अथवा संभावना हो। इससे पूरे समाज में जागरूकता आएगी और सुधार-प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

समाधान: दूसरे बहुएँ जलाने वाले घरों का सामाजिक बहिष्कार तो हो ही, सरकार भी ऐसे लोगों को कठोर दंड दे। जिस घर में एक बहू जल-मर चुकी हो, समाज का कोई भी परिवार उस घर में लड़की का ब्याह न करें।

उपसंहार: इस प्रकार के कुछ कठोर उपाय अपनाकर ही दहेज-प्रथा के अभिशाप को मिटाया जा सकता है, व्यावहारिकता के अभाव में न तो बुराई मिट सकती है और न अच्छाई पनप ही सकती है।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की हिंदी अनुच्छेद लेखन (Hindi Paragraph) क्या है? इसके अलावा आपने ये भी जाना की Hindi Paragraph लिखने में हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और साथ ही Hindi Paragraph से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण को भी अपने देखा। इसके अलावा इस लख से संबंधित किसी तरह की कोई शिकायत, सुझाव या सवाल आपके मन में हो तब निचे Comment के माध्यम से हमें जरूर बतलायें।

FAQs

Q: Paragraph को हिंदी में क्या कहते हैं?

उत्तर: Paragraph को हिंदी में अनुच्छेद कहते हैं।

Q:निबंध और पैराग्राफ में क्या अंतर है?

उत्तर: निबंध में मूल विचारों को बहुत सारे आयमों को ध्यान में रखकर लिखा जाता है। जबकि अनुच्छेद अर्थात Paragraph में किसी भी निबंध का एक संक्षिप्त रूप होता है और इसमें किसी एक विषय वस्तु को संक्षिप्त में व्यक्त किया जाता है। इसके अलावा अनुच्छेद के सारे वाक्य एक-दूसरे से संबंधित होते हैं।


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